1. उनका पूरा नाम ज्योतिराव गोविंदराव फुले था। वे आमतौर पर महात्मा फुले के नाम से प्रसिद्ध हैं।

3. वे भारत के प्रमुख सामाजिक सुधारकों में से एक थे, जिन्होंने जातिवाद, छुआछूत और अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाई।

v4. उन्होंने स्त्री शिक्षा को बढ़ावा दिया और 1848 में पुणे में कन्या पाठशाला (लड़कियों के लिए स्कूल) की स्थापना की।

5.  उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका बनीं। उन्होंने भी सामाजिक कार्यों में पति का पूरा साथ दिया।

  ज्योतिबा फुले ने 1873 में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की, जिसका उद्देश्य जातिगत भेदभाव को खत्म करना और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना था।

  ज्योतिबा फुले ने 1873 में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की, जिसका उद्देश्य जातिगत भेदभाव को खत्म करना और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना था।

 वे ब्राह्मणवादी व्यवस्था और पुरोहितवादी परंपराओं के प्रबल विरोधी थे, और उनका मानना था कि धर्म का उपयोग शोषण के लिए किया जा रहा है।