हनुमान जयंती भगवान हनुमान के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह दिन विशेष रूप से हिंदू धर्म में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

यह पर्व चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च या अप्रैल में आता है।

हनुमान जी को अंजनी पुत्र कहा जाता है। उनकी माता का नाम अंजनी और पिता का नाम केसरी था। वे पवन देव के वरदान से उत्पन्न हुए, इसलिए उन्हें पवनपुत्र भी कहा जाता है।

हनुमान जी भगवान राम के सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं और रामायण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

हनुमान जी को बल, बुद्धि, और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। वे संकटों से मुक्ति दिलाने वाले देवता हैं।

भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करते हैं। उन्हें लाल चोला, सिंदूर, और चने-गुड़ का भोग चढ़ाया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को अजर-अमर होने का वरदान प्राप्त है। वे आज भी धरती पर जीवित हैं।